eating disorder treatment

Eating disorder treatment at your home

नमस्कार दोस्तों | आज हम आपको बता रहे हैं कि आप eating disorder treatment कैसे कर सकते है | ज्यादा वजन कम करना आपके लिए क्या समस्या खड़ी कर सकता है | असल में आजकल की फिल्मों तथा सोशल मीडिया पर कुछ ज्यादा ही खास बॉडी टाइप को बार बार दिखाया जाता है, उनसे प्रभावित होकर लोग ज्यादा व्यायाम व डाइटिंग करना शुरू कर देते हैं, जो  आगे चलकर ईटिंग डिसऑर्डर का रुप ले लेते हैं |

eating disorder treatment

यह एक तरह का सबक होता है जिसमें लोग खाना ही बंद कर देते हैं और कहते हैं हम डाइटिंग कर रहे हैं | यह समस्या ज्यादातर आज के युवाओं की है, जो खुद को फिट देखने के लिए कुछ नहीं कर सकते, इस बीमारी के शिकार लड़कियां ज्यादा हो रही है | हाँ यह बात बिल्कुल सही है अपने आप को फिट रखना चाहिए परंतु इसको ज्यादा करना भी ठीक नहीं है | अपने आप को खास बॉडी टाइप में जाने के लिए लोग खाना खतरनाक रूप से कम कर देते हैं | इसलिए आज हम आपको बता रहे हैं  eating disorder treatment के बारे में |

पिछले कुछ सालों में यह बीमारी भारत में बड़े पैमाने में फैल रही है | पहले यह विदेशों में पाई जाती थी जैसे अमेरिका इस बीमारी का सबसे भयंकर प्रभाव होता है कि इससे प्रभावित पीड़ित मानता ही नहीं किसी रुप से बीमार है | इसका नतीजा यह होता है कि यह प्रभावित लोग कभी भी इलाज के लिए सामने आते ही नहीं जिससे इस बीमारी की पकड़ बढ़ती जाती है | आविष्कारी स्कूली बच्चों पर भी दिखना शुरू हो गया है एक अध्ययन के मुताबिक लड़कियां 25-40% के करीब और लड़के 20% इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं | ईटिंग डिसऑर्डर क्या है, यह तो आप जान चुके हैं |

अब इसके प्रकार भी देखिए यह तीन प्रकार के होते हैं

1) एनोरेक्सिया नर्वोसा इससे प्रभावित व्यक्ति समझता है कि वह मोटा हो गया है और जिसके चलते वह खाना कम करता जाता है | इस टाइप की पहचान यह है कि अगर किसी व्यक्ति का वजन सामान्य से 15% कम हुआ है और वह भी डाइटिंग करने से तो वह अवश्य ही एनोरेक्सिया नर्वोसा का शिकार है

2) बुलिमिया नर्वोसा जिसमें व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाना खाता है पर उल्टी के जरिए वह सब खाया-पिया बाहर निकाल देता है यह एक आम बीमारी है |

3) बिंज ईटिंग है इसमें लोग जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं पर बुलिमिया के उलट या उल्टियां बाकी तरीकों से खाने को बाहर नहीं निकलता है |

ऐसा नहीं है कि (eating disorder treatment) ईटिंग डिसऑर्डर का उपचार संभव नहीं है परंतु इसके इलाज में सबसे बड़ी रुकावट मरीज की ये  मानसिकता है कि वह सामान्य है | इस बीमारी के कई मामलों में वजन इतनी तेजी से घटता है कि इसका असर शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर भी पढ़ने लगता है | ऐसी सूरत में पीड़ित को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होता है जिससे शरीर के अंगों को नुकसान से बचाया जा सके इसके अलावा आप साइकोथेरेपी के जरिए इलाज कर सकते हैं |

तीसरा उपाय है कि खाना खाते समय खाने को अच्छे से चबाए और खाने को जल्दी-जल्दी ना खाएं |

एक बात और है जो बेहद ही जरूरी है अगर आप यह जान जाए कि आप इस बीमारी से प्रभावित है तो अपने अंदर कोई झिझक ना रखें बल्कि तुरंत इस के इलाज के लिए जाए | कई मामलों में पीड़ित शर्म और झिझक के कारण इलाज नहीं करवाते हैं, जिससे यह और बढ़ती चली जाती है | अगर आपका कोई दोस्त से परेशान हैं तो उसका मजाक बनाने की वजह उसको इलाज के लिए प्रोत्साहन दीजिए जिससे इस से मुक्ति पा सके |

तो यह eating disorder treatment से जुड़ी जानकारी है | अगर आपको हमारी जानकारी अच्छी लगी तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं |

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