Know about the effects of pollution and precautions

नमस्कार दोस्तों | आज हम आपको बता रहे हैं (effects of pollution) कि कैसे दिन-प्रतिदिन प्रदूषण कर रहा है हमारी दुनिया को बेरंग | प्रदूषण आज इस स्तर तक बढ़ चुका है कि आप और हमें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है | आज हम देखें कि प्रदूषण क्या है और इसके कितने प्रकार हैं फिर जानेंगे कि हम कैसे नियंत्रित कर सकते हैं |

पर्यावरण में कुछ ऐसे गुणों का होना जिससे उसका संतुलन बिगड़ता है उसे प्रदूषण कहते हैं | मूल रूप से प्रदूषण 3 तरह के होते हैं

वह वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण है |

effects of pollution

1) वायु प्रदूषण :- आज के समय में यह ना सिर्फ भारत की बल्कि पूरे विश्व की समस्या बन चुका है | इसकी वजह से हमारा शरीर बड़ी जल्दी बीमारी की चपेट में आ जाता है और जिनका इलाज करना भी बड़ा मुश्किल होता है | वायु प्रदूषण के कई अन्य कारण है जैसे फैक्ट्री एवं वाहनों से निकलने वाला धुआं और पेड़ों की कटाई में भी वायु प्रदूषण काफी बढ़ता है | यह तो आप खुद भी देखते होंगे कि आज सड़कों में कितनी ज्यादा गाड़ियां दौड़ती है जो बहुत सारा धुआँ पर्यावरण में छोड़ती है | दूसरी तरफ हम पेड़ों की कटाई भी करते हैं जो इसको और बढ़ा देता है |शहरों में तो पेड़ बस ना मात्र के ही होते हैं जिसकी वजह से वहां प्रदूषण ज्यादा होता है |

effects of pollution

हम इसको नियंत्रित नहीं कर सकते हमारे सब के प्रयासों से इसको कम किया जा सकता है जैसे पेड़ों की कटाई कम करें और रोजाना नए पेड़ लगाए जो प्रदूषित हवा को फिर से साफ कर देंगे जैसे आप नीम के पेड़, ग्वारपाठे का पौधा अपने घरों में लगा सकते है क्योंकि यह दोनों हवा को बहुत अच्छी तरह से साफ कर सकते हैं | ग्वारपाठे के बारे में तो कहा जाता है कि वह आपके घर में एयर प्यूरीफायर का काम करता है | तो ग्वारपाठा तो जरूर लगाएं जबकि नीम का तो घर के अंदर लगाना पॉसिबल नहीं है लेकिन आप ग्वारपाठे को अपने घर में रख सकते हैं | ग्वार पट्ठा बाहर से गंदा प्रदूषण अपने अंदर सोख लेता है जिसके कारण आप तक जो हवा पहुंचती है वह एक बिल्कुल साफ हवा होती है |

 

हम आपको बता रहे है Effects of Pollution के बारे में

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2) जल प्रदूषण :- इसका सबसे बड़ा कारण साफ जल में फैक्टरियों तथा अन्य तरीको से खराब प्रदार्थ मिलने से होता है | जब ऐसे पदार्थ जल में मिले होते हैं तो यह पीने योग्य नहीं होता है | नालो के दूषित जल को नदियों में बहा देते हैं जिससे जल प्रदूषण और भी बढ़ता है | आप सोच कर देखें कि भारत में ऐसे कितने नाले हैं जिनका दूषित जल नदियों में बहा दिया जाता है | इसके परिणाम है नदियों में भारी मात्रा में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है ऐसा जल पीने योग्य नहीं रहता और इसे किसी कारणवश पीना पड़े तो हमारा स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ सकता है | जल प्रदूषण रोकने के उपाय है |

1) पॉलिथीन का उपयोग बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह सिविल लाइन में जाकर उसको रोक देता है |

2) नालों का गंदा पानी नदियों में छोड़ने से पहले उसे ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा साफ करके छोड़ना चाहिए |

3) कुछ उपाय निकाले जाएं जिससे गंदे पानी को फिर से साफ करके उपयोग में लाया जा सकता है | ऐसी टेक्नोलॉजी  का उपयोग भारत में के बाहर बड़े अच्छे तरीके से हो रहा है | हमें उनसे सीखना चाहिए

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3) ध्वनि प्रदूषण:- यह बड़े-बड़े शहरों में गंभीर समस्या बन गया है | शहरों में बड़े वाहन और छोटे वाहनों की संख्या अधिक है और वहां पर लाउडस्पीकर ओर औद्योगिक कारणों से शोर बहुत ज्यादा होता है | शहरों में वाहन 24 घंटे चलते हैं तो यह कभी रुकने का नाम नहीं लेते इससे लोगों के लिए सरदार जैसी बीमारी आम हो गई है |

इसको कम से कम करने के लिए हमें वाहनों में साउंड की सीमा तय करनी होगी क्योंकि ज्यादातर वाहनों में चालक हाई वॉल्यूम पर Horn का इस्तेमाल करते हैं | देर रात तक DJ में लाउडस्पीकर बजाना बंद कर देना चाहिए | सबसे अच्छा तो यही है कि हम खुद भी इस बात का ध्यान रखें कि हमारी वजह से किसी दूसरों को समस्याएं खड़ी ना हो जब यह बात समझ जाएंगे तो प्रदूषण जैसी भी दिक्कत दूर हो जाएगी यदि हम चाहते हैं कि प्रदूषण का हमारी दुनिया में सफाया हो जाए तो इसके लिए हमें आज से प्रयास शुरु करना होगा |

हमने आपको बताया Effects of pollution के बारे में | हमे कमेंट करके जरूर बताये आपको जानकारी कैसी लगी |

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