
नमस्कार दोस्तों। आज हम आपको एक बड़ी ही आम बिमारी के बारे मे जानकारी दे रहे हैं और हम आपको बताना चाहते है (How to get rid of allergies forever)। एलर्जी शब्द आपने अक्सर सुना होगा। कई लोगों को एलर्जी के कारण बहुत छीकें आती हैं। वास्तव मे एलर्जी बाहरी तत्वों के प्रति शरीर की अतिसंवेदनशीलता की एक आम समस्या है। एलर्जी की समस्या आयु पर निर्भर नही करती है। यह हमे किसी भी उम्र मे हो सकती है। जैसे बच्चों मे उम्र के साथ एलर्जी का असर कम हो जाता है जबकि कई बार लोगों के बड़े होने पर ही एलर्जी की समस्या सामने आने लगती है। यह आप किसी अहम समस्या से बचना चाहते हैं तो पहले एलर्जी टेस्ट कराना चाहिए। जिससे साफ हो जाएगा कि हमे तो कोई एलर्जी तो नही है। अधिकतर लोगों को पता ही नही होता है कि उन्हें एलर्जी की समस्या है। एलर्जी इस बात का ठोस सबूत है कि हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है।ऐसी स्थिति मे हमारा शरीर कुछ खास चीजों को लेने से मना कर देता है।
यदि कुछ अध्ययनों की माने तो 20% – 30% भारतीयों को किसी न किसी चीज से एलर्जी होती है। एलर्जी का प्रभाव हमारे शरीर पर कई हिस्सों पर देखा जा सकता है जैसे त्वचा, मुंह, नाक, आंत व फेफड़ें आदि । हमारे शरीर के अनुसार एलर्जी के भी अलग -2 कारण होते हैं।
एलर्जी के बहुत से लक्षण होते हैं जैसे नाक बहना, छींकें आना, सांस फूलना, उल्टी होना, बुखार, आँखों से पानी आना या खुजली होना, त्वचा का लाल होना, थकान या बिमार महसूस करना, चेहरे, आँखो व होंठ और जीभ पर सूजन होना आदि।
एलर्जी के प्रकार :–
- फंगल एलर्जी – यह फंगल इन्फेक्शन के कारण होती है।
- मौसमी एलर्जी – मौसम बदलने पर यह एलर्जी नज़र आती है। इसमे आँखों से पानी आना, खुजली, जलन व छींके आती हैं।
- नाक की एलर्जी –यह मौसम बदलने के समय पराग कणों के कारण होती है। जिस कारण श्वसन नलिका मे सूजन आ जाती है।
- खाद्य पद्धार्थों की एलर्जी – कुछ लोगों को खाद्य पद्धार्थों जैसे मछली, अंडे, गेहूं, मुंगफली आदि के खाने पर एलर्जी हो जाती है।
- ड्रग एलर्जी – कुछ दवाओं के प्रयोग करने पर भी हमे एलर्जी से जूझना पड़ता है।
- एटॉपिक डर्मेटाइटिस – यह एलर्जी पर्यावरण मे रसायनिक प्रदुषण और कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल से होती है।
- एलर्जीक अस्थमा – एलर्जीक अस्थमा मे सांस नलिका मे सूजन व सिकुड़न पैदा हो जाती है जिससे सांस लेने मे कठिनाई होने लगती है। धुल, प्रदुषण और धुआँ इसका मुख्य कारण हैं।
एलर्जी से बचान के लिए कुछ उपाय (How to get rid of allergies forever) :–
- जानवरों के थोड़ी दूरी बना कर रखें।
- घर के अंदर कपड़े न सुखाएं व फंगल एलर्जी से बचने के लिए घर को साफ सुथरा रखें।
- धूल से एलर्जी के लिए फर्श पर कालिन न बिछाएं। फर्श पर गीला पोछा लगाएं। पर्दे, बिस्तर आदि सब साफ रखें।
- दूषित पानी से भी एलर्जी हो जाती है जिसके लिए साफ व शुद्ध पानी का प्रयोग करें। कभी – कभी यह शरीर मे झुर्रियों का कारण भी बन जाता है।
- जिन खाद्य पद्धार्थों से एलर्जी उनसे परहेज़ रखें और केवल घर पर बने आहार का ही सेवन करें।
- (पराग कणों के कारण) परागण के मौसम मे बाहर जाते समय नाक पर कपड़ा बांध कर रखें।
- एलर्जी का पता लगाने के लिए कई तरह के टेस्ट हैं जिनके द्वारा एलर्जी का पता बड़ी ही आसानी से चल जाता है।
- स्किन पैच टेस्ट – इस टेस्ट द्वारा कॉंटेक्ट डर्मेटाइटिस का पता चलता है। इस टेस्ट मे एलर्जी पैदा करने वाले पद्धार्थ को 24 से 72घंटे के लिए हाथ पर बांध दिया जाता है।
- स्किन इट्राइमल टेस्ट – इस टेस्ट मे एलर्जीक पद्धार्थ की छोटी सी मात्रा इंजेक्शन द्वारा त्वचा के भीतर पहुंचाई जाती है व प्रतिक्रिया की जांच की जाती है।
- स्किन प्रिक टेस्ट – इस टेस्ट से पराग कण, फफुंद, धुल आदि से होने वाली एलर्जी का पता चलता है। खाद्य पद्धार्थों से होने वाली एलर्जी के लिए भी यही टेस्ट किया जाता है।
- खून की जाँच – इसके द्वारा खून मे एनटीबॉड़ी का स्तर मापा जाता है जो एलर्जी व दमा से पिड़ित लोगों मे काफी अधिक होता है।