नमस्कार दोस्तों। आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे खेल जो सम्पूर्ण विश्व मे प्रसिद्ध हैं (Indian Best Game) लेकिन इनका जन्म भारत मे हुआ। तो चलिए देखते हैं।

1)पोलो :– आधुनिक पोलो की नींव भारत मे ही रखी गई थी। दरअसल इस खेल को अंग्रेजों ने पूर्वी भारत के मणिपुर राज्य के बागान वासियों से सीखा था। 19वीं शताब्दी में उन्होंने इसके नियम बनाकर पोलो के नाम से सारे युरोपीय देशों मे प्रचारित किया। यह बात आपको शायद ही पता होगी कि आधुनिक पोलो की तरह ही एक धुड़सवारी युक्त खेल 34 ईस्वी मे मणिपुर मे खेला जाता था ।

2)शतरंज ( chess ) :– आज शतरंज पूरे विश्व मे प्रसिद्ध है। छटी शताब्दी मे यह खेल महाराज अन्तुश्रिवण के समय भारत से ईरान मे प्रसिद्ध हुआ था। उस समय इसे चतुरआंग / चतरांग के नाम से जाना जाता था। इसका अर्थ चार अंगों वाली सेना था। परन्तु छटी शताब्दी मे पारसियों के प्रभाव के चलते इसे शतरंज कहा जाने लगा। यह बात आपको आश्चर्य चकित कर देगी कि शतरंज का आविष्कार रावण की पत्नी मंदोदरी ने किया था। इसके पिछे यह उद्देश्य था कि रावण सारा समय युद्ध मे न व्यतीत करे। हालांकि यह एक पौराणिक मत है। गुप्त काल मे भी इस खेल का बहुत प्रचलन था। जब यह खेल ईरानियों के माध्यम से यूरोप पहुंचा तो इसे चेस कहा जाने लगा।

3)कार्ड गेम :– आज यह खेल आनलाइन व ऑफलाइन खेला जाता है और यह पूरी दुनिया मे प्रसिद्ध हो चुका है। लेकिन ब्लैकजैक, बैकरेट और पौकर जैसे कार्ड गेम्स पहले भारत मे ही खेले जाते थे। प्राचीन काल मे भारत मे इस खेल को क्रीड़ापत्रम कहा जाता था। बाद मे मध्यम काल मे इसे गंजिफा के नाम से जाना गया। इस समय ताश के पत्ते गोलाकार थे। धनवान लोग हाथी दांत, कछुए की हड्डी और सीप के कार्ड प्रयोग करते थे। वहीं गरीब लोग कागज के कार्ड प्रयोग करते थे। उस समय इस खेल मे लगभग 12 कार्ड होते थे जिन पर उस समय के चित्र अंकित होते थे। यही गंजिफा बाद मे ताश बन गया। इस खेल मे पहले राजा-रानी होते थे, बाद मे बेगम – बादशाह होने लगे। इस तरह से जिस भी देश मे यह कार्ड पहुंचा उसी देश के रंग मे ढल गया।
हम आपको बता रहे है Indian Best Game जो पुरे विश्व में प्रसिद्ध है :-

4)कबड्डी :– वर्तमान मे यह खेल धीरे धीरे दुनिया मे प्रसिद्ध हो रहा है। इस खेल का उद्भव प्रचीन काल से भारत मे माना जाता है। उस समय इस खेल को आत्मरक्षा व शिकार के गुणों को सिखाने के लिए किया जाता था। महाभारत काल मे भगवान कृष्ण और उनके साथियों द्वारा यह खेल खेला जाता था। इस खेल को दक्षिण भारत मे चेडुगुडु और पूर्वी भारत मे हु तू तू के नाम से जाना जाता है।

5)कलरिययट्टू :– यह एक मार्शल आर्ट है जो प्राचीन भारत की देन है। यह विश्न की पुरानी युद्ध कलाओं मे से एक है। इसका सम्बंध केरल राज्य से माना जाता है। इसे दुनिया की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट तकनीक माना जाता है। इसका वर्णन पौराणिक गाथाओं मे भी मिलता है। ऐसा माना जाता है कि इसको दुनिया के सामने लाने वाले और सिखाने वाले भगवान परशुराम थे। कलरिययट्टू का वास्तविक विस्तार 9वीं शताब्दी मे हुआ जब केरल के योद्धाओं ने इसे जंग के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया। इसके बाद इस कला को एक स्थान से दुसरे स्थान ले जाने का श्रेय बौद्ध भिक्षुओं को दिया जाता है। बौद्ध भिक्षुओं के माध्यम से यह मार्शल आर्ट अन्य देशों मे पहुंची, जो बाद मे यह कलरिययट्टू के नाम से प्रसिद्ध हुई।

6)सांप और सीढ़ी :– ब्रिटिश शासन काल के दौरान इस खेल को इंग्लैंड सहित दुनिया से अन्य हिस्सों मे अलग पहचान मिली। लेकिन यह खेल भी भारत की ही देन है, जो कर्म के सिद्धांत और भाग्य की भूमिका पर आधारित है। पहले सांप – सीढी के खेल को मोक्ष-पटम कहा जाता था।
यह कुछ ऐसे खेल हैं (Indian Best Game) जो पूरी दुनिया मे प्रसिद्ध हैं लेकिन इनका आविष्कार India मे ही हुआ है।
यदि आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो कृपया हमारा पेज अवश्य लाईक करें।