Problem Of Anxiety

Why problem of anxiety in children are developing ?

नमस्कार दोस्तों | आज हम आपको बड़ी ही अहम जानकारी दे रहे हैं जो बिल्कुल सीधे तौर पर आपके बच्चों से जुड़ी हुई है (Problem of Anxiety in Children)|आज के इस समय में हमारे बीच मानसिक बीमारियां तेजी से अपनी जड़े फैला रही है और धीरे-धीरे हमारे जीवन को प्रभावित कर रही है | यह बीमारियां मुख्य रूप से बच्चों को गिरफ्त में ले रही है |

Problem of anxiety

शायद आपने इस बात को भी महसूस किया होगा कि आपके बच्चे की तबीयत खराब हो जाती है वह भी ठीक किसी काम के पहले जैसे कोई परीक्षा या कोई प्रतियोगिता या जब उनका काम पूरा नहीं होता | उन्हें कोई ना कोई परेशानी हो जाती है | इसे एंजाइटी कहते हैं जिसे हम चिंता या घबराहट कहते हैं |

इस भावनात्मक बदलाव को कई बार माता-पिता समझ नहीं पाते हैं और इसे कई शारीरिक बीमारी का इलाज कराने लगते हैं | जबकि कुल मामलों में माता-पिता को पता होता है लेकिन वो इसे अपनी परवरिश की कमी मान लेते हैं | लेकिन कभी भी प्रोफेशनल मदद लेने के बारे में नहीं सोचते है एंजाइटी और चिंता या घबराहट एक प्राकृतिक स्वभाव है हर एक व्यक्ति अपने जीवन में  एक ना एक बार तो इस से गुजरता है और यह बचपन का एक अहम हिस्सा होता है | हर बच्चा बचपन में इस स्थिति से गुजरता है किसी को कम होती है किसी को ज्यादा होती है | यदि आपका बच्चा किसी स्थिति या व्यक्ति का सामना करने से डर रहा है तो इसका मतलब है कि वह एंग्जाइटी से प्रभावित है (He is suffering from problem of Anxiety)|

 बच्चों में घबराहट होने के निम्न कारण हो सकते हैं :-

1)  परिणाम की चिंता करना:- कई बच्चे अपनी जरूरत से ज्यादा सोचते रहते हैं उनका दिमाग हर समय  सोचता रहता है की वो जो काम कर रहे हैं वह कोई गलत ना हो जाए, जैसे परीक्षा के वक्त उनकी चिंता और बढ़ जाती है | इस तरह की सोच रखने वाले बच्चों में एंजाइटी का स्तर काफी ज्यादा रहता है |

2)  डर से शुरू होता है:- अधिकतर बच्चों में यह डर छोटा रहता है, लेकिन कई बच्चों में यह गंभीर हो जाता है | इसमें बच्चे बेवजह की चीजों से डरते हैं जैसे अंधेरे से या भूतों से बात बात पर अकेले कमरे में जाने से डरना, बेवजह भूत की बातें करना, खुद दर जाना यह सब घबराहट और एंजाइटी की निशानी है |

3) बिस्तर गिला करना:- इसमें बच्चों को नींद ना आने की समस्या होती है उन्हें आसानी से रात में नींद नहीं आती है | वह रात में कई बार उठ जाते हैं कुछ रात में डरावने सपने देख कर उठ जाते हैं | घबराहट के शिकार बच्चे कई बार सोते समय बिस्तर गिला कर देते हैं |

4) बड़े मौकों पर तबीयत खराब:- कई बड़े मौकों का सामना करने की वजह छोटी मोटी बीमारी का बना लेते हैं जैसे पेट में दर्द या सिर में दर्द | फिर आप उनको डॉक्टर से दिखाते हो और कोई बीमारी सामने नहीं आती है, तो यहां आपको ध्यान देने की जरूरत है कहीं ऐसा तो नहीं कि परीक्षा के पहले या स्टेज पर जाने के समय उसका दर्द शुरू हो जाता है | यदि ऐसा है तो यही घबराहट होती है |

ऐसे घबराहट से बचाने के लिए ऐसे करें बच्चों की मदद (Solution:- Problem of Anxiety)

  1.  सबसे पहले यदि उसके परीक्षा में नंबर कम आए तो उसे डांटने मारने की वजह उसे अच्छी तरह बैठा कर समझाना चाहिए पढ़ाई क्यों करनी जरूरी है |
  2.  अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत करें उससे बात करें और उसकी परेशानी व क्या चाहता है अच्छे से सुने |
  3.  अपने बच्चों  के सामने सोच समझ कर बर्ताव करें | घर में हमेशा सकारात्मक और सुरक्षित माहौल बनाकर रखें |
  4.  बच्चों की भावनाओं को समझें और उन्हें शांत होने दे | इसके बाद ने उन्हें समझाएं ऐसा सबके साथ होता है |
  5.  यदि आपका बच्चा किसी घबराहट और डर का सामना कर रहा है उसे स्वीकार करें | ऐसी परिस्थिति किसी कमजोरी की नहीं है | उसकी मनोसिथिति समझने की कोशिश करें | प्रोफेशनल मदद के लिए आगे बढ़े और मनोवैज्ञानिक की मदद ले |

 यह सारे उपाय आपकी और आपके बच्चे दोनों की मदद करेंगे स्थिति से घबराए नहीं 

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