First aid for heart attack at home

First aid for heart attack at home

नमस्कार दोस्तों। आज हम आपको बता रहे हैं कि (First aid for heart attack at home) जब कभी आपको या आपके किसी जानने वाले को दिल का दौरा आए तो ऐसी स्थिति मे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे इसके होने वालो नुकसान को कम से कम किया जा सके व आपकी या आपके किसी मित्र की जान बचाई जा सके। इसलिए इस लेख को अधिक से अधिक शेयर करें व और लोगों को इसके बारे में जानकारी दें।

दिल का दौरा कई कारणों से हो सकता है जिनके विषय मे आगे बताया गया है। सबसे पहले यह जानते हैं कि दिल का दौरा आने पर क्या करना चाहिए।

  1. ऐसी स्थिति मे दिल के दौरे से पिड़ित व्यक्ति को सबसे पहले जमीन पर सीधा लेट जाना चाहिए।  जिससे पिड़ित व्यक्ति का शरीर एक स्थिर अवस्था मे आ जाए अर्थात शरीर मे किसी भी प्रकार की हलचल न हो। फलस्वरूप शरीर को रक्त की आवश्यकता कम होगी। जिस कारण दिल पर कम दबाव पड़ेगा और यह स्वतःही शीघ्र सामान्य अवस्था मे आ जाएगा।
  2. ऐसी स्थिति मे दिल के दौरे से पिड़ित व्यक्ति को लम्बी व गहरी साँसे लेनी चाहिए, लेकिन बड़े आराम से जिस कारण से रक्त मे ऑक्सीजन की मात्रा कम नही होगी। रक्त मे भरपूर ऑक्सीजन के कारण ह्रदय पर काम करने का दबाव बहुत ही कम रह जाएगा। परीणाम स्वरुप ह्रदय धीरे –धीरे सामान्य स्थिति मे पहुंच जाएगा।
  3. यदि दिल के दौरे से पिड़ित व्यक्ति ने  तंग (tight) वस्त्र पहने हैं तो तुरन्त उन्हे ढिला करें। विशेषतः छाती के कपड़ों को ढीला करें इससे दिल को बड़ा आराम मिलता है।
  4. जिन लोगों को दिल की बिमारी है या छाती मे दर्द होता है उन लोगों को सोरबिट्रेट टेबलेट (Sorbitrate tablet) हमेशा अपने पास रखनी चाहिए। जब कभी ह्रदय की गति तेज हो तो एक टेबलेट जीभ के नीचे रखनी चाहिए। यह टेबलेट बड़ी आसानी से किसी भी मेडिकल स्टोर पर मिल जाएगी।
  5. ऐसी स्थिति मे दिल के दौरे से पिड़ित व्यक्ति को दवाई के अतिरिक्त कुछ भी नही खाना है। इस बात को अवश्य ध्यान मे रखें की पिड़ित व्यक्ति को कोई भी खाने की वस्तु नही लेनी है।
  6. सीधे लेटने के साथ साथ पैरों को ऊंचाई पर रखें जिससे रक्त का दबाव ह्रदय की ओर हो जायेगा व ह्रदय को काम अधिक नही करना पड़ेगा। इससे उच्च रक्तचाप को सामान्य होने मे सहायता मिलेगी।
  7. यदि दिल के दौरे के समय पिड़ित व्यक्ति को उलटी आ रही हो तो उसे सीधे झुकने की अपेक्षा एक ओर झुककर उलटी करने की सलाह दें। ऐसा करने से उलटी पिड़ित के फेफड़ों मे जाने से बच जायेगी। परिणाम स्वरूप पिड़ित व्यक्ति एक और समस्या से बच जायेगा।
  8. दिल के दौरे के समय पिड़ित को चाहिए कि अपने आस पास किसी भी व्यक्ति को तुरन्त बताए जिससे यथा शीघ्र डॉक्टर की सेवाएं ली जा सकें। ऐसा करने से पिड़ित को बचाने की प्रक्रिया मे तेजी आएगी।
  9. दिल के दौरे के समय इन सभी बातों को ध्यान मे रखना चाहिए।

हम आपको बता रहे है (First AID for Heart attack at home) की आपको दिल का दौरा आने पर क्या करना चाहिए 

दिल के दौरे पड़ने के कई कारण हो सकते हैँ। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं –

  1. उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) एक मुख्य कारण है। इसके कारण ह्रदय की ओर जाने वाली नसें टूट जाती हैं जिससे ह्रदय काम करना बंद कर देता है।  उच्च रक्तचाप होने के भी कई कारण हैं जैसे मोटापा (obesity), हाई कालेस्ट्राल  (High cholesterol) व मधुमेह (diabetes)  ये सभी बातें किसी भी व्यक्ति का रक्तचाप बढ़ा सकती हैं। जो आगे चलकर ह्रदय आघात अर्थात दिल का दौरे का रूप ले सकती है।
  2. इसका दूसरा बड़ा कारण अक्रिय या क्रियाशील न होना है। जो भी व्यक्ति शारीरिक कार्य कम करता है उसको दिल का दौरा आने की संभावना अधिक होती है।
  3. तनाव भी एक प्रमुख कारण है अगर समय रहते इसका उपचार न हो तो कोई भी व्यक्ति इससे ह्रदय रोग से पिड़ित हो सकता है।
  4. दिल की बिमारी वंशानुगत भी हो सकती है।

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