Photo of mahatma gandhi on Indian currency

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नमस्कार दोस्तों। आज हम आपको बड़ी ही दिलचस्प बात बता रहे हैं की महात्मा गांधी जी के चित्र को हमारे नोटों पर क्यों छापा जाता है (photo of mahatma gandhi on indian currency)। यह हम सभी जानते हैं कि हमारा देश अंग्रेजों के अधीन था और देश की आजादी के लिए हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जानें कुर्बान की। यह हमें एक उपहार के रूप मे नही मिली बल्कि इसके लिए कई हजारों लाखों लोगों का खून बहा है।

यदि आप सोचते हैं कि भारत की आजादी मे गांधी जी की अहम भूमिका थी जिसके कारण इनका चित्र नोटों पर छापा जाता है (photo of mahatma gandhi on indian currency) तो ऐसा सोचना गलत है। क्योंकि भारत को आजादी दिलाने में ना जाने कितने लोगों की भूमिका थी। कई ऐसे भी लोग थे जिनकी उम्र गांधी जी से लगभग आधी थी। तो ऐसा नही है कि इस कारण से उन्हे ये सम्मान मिला है। नही तो कई और स्वतंत्रता सेनानी भी इस सम्मान के लिए उपयुक्त थे।

वास्तव मे देखा जाए तो भारत एक बड़ा देश है । यहाँ भिन्न -2 धर्म व जाति के लोग रहते हैं। भारत के उत्तर मे जम्मु-कश्मीर से लेकर दक्षिण मे कन्याकुमारी तक आपको इतनी विविधता मिलेगी कि आप हैरान हो जाओगे। यहाँ हर एक राज्य की अपनी एक अलग पहचान है और हर एक राज्य की संस्कृति भी भिन्न प्रकार की है। लेकिन इसके बावजूद हम भारतीय एक साथ खड़े हैं और ऐसे ही तब भी खड़े थे जब स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी जा रही थी।

स्वतंत्रता की लड़ाई मे हर एक राज्य से लोग आए थे अपना-अपना समर्थन देने के लिए। ये सभी लोग एक दूसरे से बहुत अलग थे लेकिन फिर भी ये सभी एक दूसरे के साथ खड़े थे क्योंकि इनका केवल एक ही लक्ष्य था देश की आजादी।

अब क्योंकि ये सभी अलग अलग विचार रखते थे तो सब यही चाहते थे कि कोई उनमें से ही हो जो इस सम्मान को पाए।  हर कोई यही चाहता था कि वह व्यक्ति उनके ही धर्म का ही हो।

लेकिन महात्मा गांधी जी एक ऐसे व्यक्ति थे जो हर एक धर्म का समान रूप से आदर करते थे। सभी धर्मों को एक समान मानते थे जिस कारण सभी लोग इनकी बात को बड़े ध्यान पूर्वक सुनते थे। महात्मा गांधी जी के मन मे किसी भी धर्म / जाति के लिए कोई भेदभाव नही था। सभी धर्म के लोगों को एक समान ही प्रेम करते थे। यही कारण था कि सभी लोगों ने इनके चयन पर सहमति जताई। इसलिए इन्हे राष्ट्रपिता की उपाधि से सम्मानित किया गया और इनका चित्र हमारे नोटों पर छापा जाने लगा।

सबसे पहले वर्ष 1986 मे महात्मा गांधी जी के चित्र वाले नोटों का आरम्भ हुआ। इस 500 रूपये के नोट पर अशोक चक्र को वॉटरमार्क के रूप मे व गांधी जी के चित्र को अंकित किया गया था।

वर्ष 1996 में भारतीय रिजर्व बैंक ने नए नोट छापे जिनमे महात्मा गांधी जी के चित्र के साथ साथ महात्मा गांधी जी के चित्र को वॉटरमार्क के रूप मे भी छापा गया।

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