How to talk about salary during interview

how to talk about salary during interview

नमस्कार दोस्तों। आज हम आपको बता रहे है कि कैसे आप (how to talk about salary during interview) एक जॉब / नौकरी के लिए सैलरी/वेतन की बात कर सकते हैं। यह एक आवश्यक बात है क्योंकि बहुत से मामलों मे देखा गया है कि कम अनुभव के बावजूद उम्मीदवार का चयन ऊंचे वेतन के लिए हो जाता है वहीं जिस उम्मीदवार के पास उच्च शिक्षा व अधिक अनुभव है उसकी सैलरी बहुत कम होती है। इसलिए जब भी आप कभी भी  इंटरव्यू /साक्षात्कार  की तैयारी करें  तो सैलरी /वेतन के विषय पर भी गहरी चर्चा करें। जिससे आपको एक संतोषजनक पैकेज मिल सके। उचित पैकेज न मिलने के मुख्य कारणों मे से एक कारण है नियोक्ता से वेतन के विषय मे  सही रूप से बात का न होना है। अन्य कारण हैं जैसे बातचीत करने का तरीका, हाव-भाव और नौकरी के प्रति दिलचस्पी जिस कारण नियोक्ता कम सैलरी की प्रस्तावना करता है। तो आइऐ चर्चा करते हैं कि किन-किन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

  1. इंटरव्यू /साक्षात्कार के आरम्भ से ही आपना मंतव्य स्पष्ट रखें और अच्छी सैलरी के उद्देश्य को ध्यान मे रखते हुए साक्षात्कार का आरम्भ करें। साक्षात्कार के दौरान नियोक्ता को यह जताएं कि आपकी पात्रता इस पद के लिए उचित है और इसी पात्रता की नियोक्ता को भी आवश्यकता है। इस दौरान किसी भी प्रकार की शीघ्रता या तत्परता ना दर्शाएं जिससे नियोक्ता पर गल्त प्रभाव पड़ सकता व बात बिगड़ं सकती है।  पद व कम्पनी से संबंधित सभी जानकारियाँ एकत्र कर साक्षात्कार की तैयारी करें।
  2. इंटरव्यू /साक्षात्कार के दौरान अक्सर् नियोक्ता उम्मीदवार से पिछले वेतन के विषय मे अवश्य चर्चा करते हैं फिर उसमे लगभग 15 प्रतिशत से 35 प्रतिशत बढ़ाकर सैलरी ऑफर करते हैं। लेकिन बहुधा यह ऑफर मॉर्किट रेट से कम होता है। इसलिए उम्मीदवार को मॉर्किट रेट के बारे जानकारी होनी चाहिए। जिससे आप  नियोक्ता से सही ढगं से बात कर पाएं। वास्तव मे इसको मॉर्किट वैल्यू कहा जाता है। साथ साथ यह भी ध्यान रखे कि नियोक्ता संबंधित पद के लिए कितनी सैलरी दे रहा है। आप इसके लिए सैलरी डाटा शेयरिगं टूल्स का भी प्रयोग कर सकते हो।

हम आपको बता रहे है how to talk about salary during interview

  1. केवल पद से जुड़ी जानकारी के अलावा कम्पनी की सभी पॉलिसियों व नियमों आदि की भी जानकारी रखें। जैसे प्रोमोशन के अवसर, वार्षिक बढ़ोतरी, बोनस, स्वास्थ्य से संबंधित सुविधाएं, छुट्टीयों से संबंधित जैसे केजुअल लीव, मेडिकल लीव इत्यादि। यह सारी सुविधाएं / नियम /पॉलिसी ही किसी भी कम्पनी / जॉब के मानक निर्धारित  करती है। इसलिए कम्पनी / पद से जुड़ने से पहले इस सभी बातों का ध्यान रखें.
  2. यह सबसे आवश्यक है कि आप इंटरव्यू /साक्षात्कार का अच्छी तरह से अभ्यास करें। इसके लिए आप साक्षात्कार मे पूछे जाने वाले सभी सवालों की एक लिस्ट तैयार कर लें साथ ही साथ जवाबों का भी बार बार अभ्यास करें। ऐसा करने से आपका आत्म विश्वास बढ़ेगा व आप पद के अनुरूप वेतन की बात अच्छे ढंग से कर पाएंगे।
  3. एक बार बैसिक सैलरी पर बातचीत खत्म हो जाए तो फिर बोनस पर बात शुरू करें। बोनस के साथ अन्य लोभों के बारे में भी अवश्य चर्चा करें।
  4. यह सबसे अहम बात है कि अपने आप पर भरोसा रखें। कई बार आपको आपकी मनचाही सैलरी या जॉब नही मिलती तो ऐसे मे निराश होने का कोई लाभ नही। क्योंकि सफलता पाने के लिए  निरंतर प्रयासरत रहना होगा। अपनी योग्यता अनुसार ज़ॉब व वेतन मिलने पर ही अपनी स्वीकृती दें अन्यथा योग्यता  से कम मिलने पर मानसिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। श्रेयस्कर है कि साक्षातकार के समय वेतन व पद के लिए उचित दावेदारी का प्रदर्शन करें और इस मुद्दे पर खुल कर चर्चा करें।

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