
नमस्कार दोस्तों। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जिनसे आपका दर्द छूमंतर हो जाएगा। इन उपायों को करने मे किसी प्रकार की दवाओं की आवश्यकता नही पड़ेगी। शरीर मे दर्द बड़ी ही आम बात है। जब हम अधिक भाग दौड़ या अधिक दिमागी काम करते हैं तो शरीर मे दर्द होना लाजमी है। लेकिन कई बार यह दर्द इतना अधिक हो जाता है कि यह असहनीय हो जाता है। सिर, कंधे, पीठ या कमर दर्द मे आप पेनकिलर खा लेते है यदि आप ऐसा करते है तो आपको बता देते हैं कि आप खुद को हार्ट अटैक / स्ट्रोक के शिकार होने का खतरा बढ़ा रहे हैं। पेनकिलर इस खतरे को करीब 60 फिसदी तक बढ़ा देते है। पेनकिलर दर्द मे राहत तो देते हैं लेकिन इसके कई अन्य साइडइफेक्ट भी होते हैं (side effects of painkiller tablet) जैसे अलसर, पेट दर्द और सीने मे जलन आदि। पेनकिलर के अधिक सेवन से हृदय रोगों से भी जूझना पड़ सकता है।
दरअसल, पेनकिलर शरीर से पानी और सोडियम निकालने की किडनी की गतिक्षमता को धीमा कर देती है। जिस कारण रक्त प्रवाह तेज हो जाता है इसके साथ ही शरीर के अंगों तक रक्त को पहुंचाने मे अधिक दबान झेलना पड़ता है जिस कारण धमनियों के फटने और व्यक्ति के हार्ट अटैक की चपेट मे आने का खतरा रहता है।
जब भी कभी गर्दन, कंधे और पीठ मे दर्द उठे तो आजमाए यह दो उपाय –
सेंधा नमक – इसके लिए आप एक बाल्टी मे गुनगुने पानी मे सेंधा नमक ड़ालकर स्नान करें। सेंधा नमक में मैग्नीशियम सल्फेट होता है, यह दर्द के साथ साथ जलन व सूजन को भी दूर करता है। जब कभी गर्दन, कंधे और पीठ मे दर्द हो तो सप्ताह मे तीन दिन नमक वाले पानी से स्नान करें। एक बाल्टी मे दो चम्मच नमक मिलाना है। यह काफी असरदार तरीका है।
हल्दी का दूध – हल्दी दर्द मे बहुत शीघ्रता से राहत देती है क्योंकि इसमें कर्क्युमिन और हर्पागोसाइड जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। यह हड्डियों –माँसपेशियों मे सूजन, जलन व दर्द पैदा करने वाले टीएनएफ – अल्फा रसायन का उत्पादन को रोक देती है।
सिर दर्द और माइग्रेन के लिए –पुदीना – पुदीना से शरीर का तापमान नियंत्रित रखने मे मदद मिलती है और साथ ही साथ तनमन को ठंडक भी प्रदान करता है। सिरदर्द के लिए इसको पानी के साथ पीना चाहिए। इससे दर्द भी कम होगा और दिमाग भी तरोताजा रहेगा।
बबुनी के फूल की पत्तियाँ – प्राचीन काल मे इसे इसके दर्द निवारक गुणों के कारण जाना जाता था। इसकी पत्तियों मे पार्थिलोलाइड योगिक पाया जाता है जो हार्मोन सेरोटोनिन का स्तर बढ़ाकर सिरदर्द को घटाता है।
हम आपको बता रहे side effects of painkiller tablet के बारे में:-
केला, पालक और चना का सेवन भी लाभकारी है –
इनका सेवन माइग्रेन दर्द से छुटकारा दिलाएगा। केला, पालक और चना मे मैग्नीशियम पाया जाता है जो दिमाग की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करता है। जो लोग भी माइग्रेन से पीड़ित होते हैं उनमे मैग्नीशियम की कमी होती हैं। इसलिए ऐसे लोगों को केला, पालक, राजमा, बादाम, अंडा और चना आदि को अपने आहार मे अवश्य शामिल करना चाहिए।
- जोड़ों के दर्द के लिए –
- व्यायाम बहुत असरकारक है – जोंड़ों के दर्द के लिए व्यायाम बहुत आवश्यक है। मुख्यता पैरों के व्यायाम करने चाहिए। जैसे बिना किसी सहारे के कुर्सी से उठना बैठना या फिर बैठकर पैरों को सीधा करके ऊपर की दिशा मे उठाना आदि।
- सिकाई – दर्द को कम करने के लिए एक बाल्टी मे गर्म पानी मे सेंधा नमक मिलाएं और फिर उसमें अपने पैर डालकर लगभग 20 मिनट बैठें। जोड़ों के दर्द मे बर्फ से भी सिकाई कर सकते हैं। लेकिन उसके लिए 10 से 15 मिनट पहले दर्द निवारक जैल लगाना चाहिए। लेकिन किसी भी एक विधि से ही सिकाई करनी चाहिए।